उद्देश्य एवं गठन

   

 

उ०प्र० राजभाषा अधिनियम 1951के अधीन हिन्दी को इस प्रदेश की राजभाषा को संवैधानिक रूप से मान्यता प्रदान की गई थी। तदुपरान्त प्रदेश के सरकारी कामकाज मे हिन्दी का प्रयोग अधिकाधिक बढ़ाने एवं अंग्रेजी से हिन्दी भाषा परिर्वतन कीकठिनाईयों को दूर करने के उददेश्य से शासन स्तर पर मुख्य सचिव शाखा के अर्न्तगत वर्ष 1958 को भाषा विभाग की स्थापना की गई थी। भाषा विभाग के मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य एवं उद्देश्य हैं

  1. राज्य सरकार के समस्त अध्यादेशों, विधेयको, अधिनियमों,  नियमों, विनियमों एवं सामान्य प्रकृति के अन्य कार्यो का अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद।

  2. उर्दू के सरकारी गजट के प्रकाशनार्थ सामग्री का हिन्दी से उर्दू तथा अंग्रेजी से उर्दू अनुवाद।

  3. शासन के विभागीय मैनुअलो, नियम संग्रहों, आदेशों व विभिन्न सन्दर्भ ग्रन्थो के सम्पादन/ प्रकाशन का कार्य।

  4. हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं तथा उनके साहित्य के प्रचार-प्रसार, सरंक्षण, प्रोत्साहन, विद्वानो/साहित्यकारों को सम्मानित करने सम्बन्धी विभिन्न योजनाओ का भाषा विभाग के अधीन कार्यरत संस्थाओं/ अकादमियों के माध्यम से संचालन कराना।

  5. शब्दावलियों का निर्माण।